इश्क़ या जुनून - Chapter 121
गाना बज रहा था और डांस करते हुए अंबर धारा के करीब आकर उसके कान में धीरे से बोलता है,,,,,,,
मेरे सामने इतनी चतर-पटर कैसे कर लेती हो ये तुम्हारी नमूनी बहनों को देखकर समझ में आया कि ये तो खानदानी बीमारी है थोड़ी देर अगर ये बोलती रहती और इससे पहले कि मेरे कानों से खून निकलने लगता इनका वोकल काॅड खींचकर निकाल लेना था मैंने.....!!
धरा :एक तो हमने आपको इनसे बचाया , इस पर हमारा एहसान मानने की बजाय हमें ही सुना रहे हैं.....??
अंबर :ओ हेलो मैडम किस भ्रम में जी रही हो.....?? अंबर खुराना ऐसी तितलियों से अच्छे से डील करना जानता है...!!
धरा अच्छे से देखा था हमने तान्या वाले केस में हम नहीं होते तो रोशनी आपकी इज्जत को कितना रोशन करती..........
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