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Chapter 114

इश्क़ या जुनून - Chapter 114

धरा पीछे खड़े बंदे से मुखातिब होते हुए बोलती है सुनिए भाई साहब क्या किसी मीडिया हाउस का नंबर है आपके पास.....?? जरा कॉल करके बुला दीजिए ना हम तब तक थोड़ा टच अप कर लेते हैं आफ्टर ऑल इंटरव्यू हमें भी तो देना होगा ना....??

बात बढ़ती देख जज साहब तुरंत तान्या को झाड़ लगाते हुए हुए बोलते हैं,,,,,,,,,,,, शर्म नहीं आती आपको....?? केस जीतने के लिए कैसे-कैसे हथकंडे आजमा रही है....?? आपसे तो मैं कल कोर्ट में बात करूंगा और फिर जज साहब धरा की तरफ देखते हुए बोलते हैं आई एम सॉरी......!!! इन्होंने जिस तरह से घबरा कर बात कही तो मैं इनकी बातों में आ गया....!! मैं बस इंसानियत के नाते चला आया था....!! और रही बात कानून की तो बेशक अच्छे से कानून जानता हूं केवल संदेह के आधार पर ही पुलिस नहीं बुला सकता था इसलिए चला आया था! एक बार फिर से माफी चाहूंगा.....!!

वैसे कंग्रॅजुलेशंस ....!! मिस्टर खुराना ने बताया नहीं कि उन्होंने इंगेजमेंट कर ली है अगर वो शादी कर लेते हैं तो बच्चों की कस्टडी के लिए कोई प्रॉब्लम होगी ही नहीं ....!! बशर्ते आपको कोई एतराज ना हो.....!!एनीवेज कल फाइनल डिसीजन है तो मै सजेस्ट करूंगा कि आप और मिस्टर खुराना अच्छे से सोच विचार कर जल्द ही अगर शादी करने वाले हैं तो चाहे तो इसी बेस पर कल ही बच्चों की कस्टडी के लिए एक फ्रेश पिटीशन डाल सकते हैं।

जज साहब कहीं ना कहीं अपनी गलती को कंपनशेट करने की कोशिश के तहत ये सलाह दे बैठते हैं....!!और एक और बार अपनी गलती की माफी मांगकर तान्या को गुस्से से घूर कर देखते हैं और आंखों ही आंखों में उसे निकलने का इशारा करते हैं।

तान्या पैर पटकते हुए वहां से चली जाती है।

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