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Chapter 60

इश्क़ या जुनून - Chapter 60

अब तुम खुद ही देख लो हाल। पूरे साल में जितनी ड्रेस पहनती है उन सब का भी मिला दो तो भी इतना कपड़ा नहीं लगता जितना कपड़ा आज इस एक ड्रेस में लगा हुआ है कैसे वजन बर्दाश्त होगा बेचारी से.....?? लड़की की मां लड़की के पिता पर कटाक्ष करते हुए बोलती है......!!

जैसे तैसे कुछ मीटर की दूरी अंबर की भावी बिगड़ैल दुल्हन उप्स सो सॉरी दुल्हन को बिगड़ैल लिख दिया नहीं-नहीं बिगड़ैल दुपट्टे की मालकिन .....!! बेचारी कितना संभाल रही थी दुपट्टे को लेकिन दुपट्टा था कि बिल्कुल बिगड़ैल बच्चे की तरह जिद पर अड़ा था ....!! अपनी ज़िद मनवाने के लिए बार-बार जमीन पर रायते की तरह फैल जा रहा था....!! और लाख समभालने के बाद भी उस लड़की के चेहरे पर दुपट्टा ना संभाल पाने की झुंझलाहट आ ही जाती है......!!

बलजीत जी ये नजारा देखकर विक्रम जी से बोलते हैं,,,,,, यारा इस कुड़ी से तो अपना दुपट्टा ही नहीं संभल रहा .....!! ये मेरे अंबर को क्या संभालेंगी.......??  मेरे अंबर के लिए ये लड़की मुझे बिल्कुल सही नहीं लग रही....!! चल यहां से कोई फायदा नहीं समय खराब करने से......!! तू एक काम कर अगली जो दो लड़कियां हैं उनसे मीटिंग प्रीपोनड कर ले.......!!

विक्रम जी : चुप करके बैठ यहां पर.....!!एक तो अंबर के बिगड़ैल पने के चर्चे बहुत है। ऊपर से ऐसे ही बिना किसी वजह के उठकर जाएंगे तो बिरादरी में गलत मैसेज जाएगा। अब जब आ ही गए हैं तो निपटा कर चलते हैं......!!

बलजीत जी विक्रम जी को घूरते हुए बोलते हैं,,,,,,,,,,तेरी दूसरी वाली वजह मान कर बैठ जाता हूं....!! बाकी मेरा पोता ऐसा है नहीं.....!! ये सब मीडिया में उड़ी हुई खबरें हैं। कामयाब इंसान के साथ इस तरह के किस्से जुड़ ही जाते हैं....!! सिर्फ झूठी कहानियां है उसके बारे में किसी ने कभी कुछ देखा ....?? कोई फोटो.....!! कुछ तो हो......!!

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