Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 81

इश्क़ या जुनून - Chapter 81

अंबर हल्के से झुंझलाते हुए अपनी घड़ी की तरह देखकर बोलता है,,,,,,,,,,,, फार्म हाउस चलने का इरादा है या नहीं ....??

अंबर की  बात सुनकर बलजीत जी  घूमते हैं और बोलते हैं,,,,,,,, अरे पुत्तर अपने फार्म हाउस ही तो जाना है और गाड़ी से जाना है ......!! प्लेन थोड़ी है जो उड़ा जा रहा है....??

पहली बार बह.... बिटिया घर आई है ऐसे कैसे बाहर से बाहर ही भेज दूं.....?? एक कप कॉफी पीकर चलेंगे...!!(बलजीत जी जो धरा को बहू बोलते बोलते खुद को रोक लेते हैं और तुरंत ही बात बदल देते हैं क्योंकि जल्दबाजी में गड़बड़ा जाते हैं)

अंबर :(चिढ़ते हुए बलजीत जी के चेहरे को पढ़ने की कोशिश करते हुए) अच्छा ये बात आपको अब पता चली है कि वो पहली बार आई है ऐसा था तो फिर फार्महाउस जाने के लिए अभी बाहर ही क्यों आए थे अंदर बुलवा लेते अपनी चहेती धरा को....!!

बलजीत जी : अरे पुत्तर इसी को तो बुढ़ापा कहते हैं। याद नहीं रहा अब याद आ गया...!! पर चलो देर आ गया लेकिन दुरूस्त आ गया....!! बलजीत जी अपनी बात को संभालते हुए बोलते हैं।

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
81 / 123
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.