इश्क़ या जुनून - Chapter 103
अगर तुम उसका नजरिया बदल पाई तो बहुत सारी प्रॉब्लम अपने आप सॉल्व हो जाएंगी कुहूं ,कविश के पिता की बात तभी मैटर करती है जब अंबर शादी कर ले। क्योंकि उन बच्चों के पिता की इच्छा कानूनी पेंच में फंस गई है। अंबर से उन बच्चों का कोई रिश्ता नहीं है इसलिए उन्हें अपने पास रखने के लिए सिर्फ गोद लेना ही एक मात्र विकल्प बचता है उसमें भी कुहू की वजह से वो ऐसा नहीं कर सकता। क्योंकि भारतीय कानून के हिसाब से कोई है अविवाहित पुरुष किसी लड़की को गोद नहीं ले सकता।
धरा ने बच्चों के लिए बहुत सारे अरेंजमेंट करके रखे थे ! धरा बलजीत जी से बात करते हुए अंबर को उन बच्चों के साथ खेलते हुए देख रही थी बलजीत की अंबर को इतना खुश देखकर धरा से बोलते हैं,,,,,,, थैंक यू सो मच बेटा.....!! जब से मेरे बेटे बहु छोड़ कर गए हैं अंबर ने अपना जन्मदिन नहीं मनाया । ये पहली बार है कि ना सिर्फ उसने जन्मदिन मनाया बल्कि पूजा में भी बैठा और आज खुश भी बहुत है। थैंक यू सो मच....!!
ऐसा भी कुछ खास नहीं किया है ....!! देखा था हमने उन्हें अनाथ आश्रम में पहली बार खुश होते हुए। फिर आपने जो बताया उसे सुनने के बाद समझ में आया कि अंबर सर को इतना प्यार क्यों है बच्चों से....?? पहले उनका व्यवहार समझ में नहीं आता था लेकिन अब शायद कुछ हद तक समझ में आने लगा है ....!! उनके अंदर वो बच्चा आज भी है जो बेहद मासूम है....!! जो प्यार करना जानता है .....!!डरता है किसी भी बच्चे के एक और अंबर बनने से...!! आपके बेटे का केस इतना भी बिगड़ा हुआ नहीं है कि ठीक ना हो सके ! क्योंकि जो कुछ उनके साथ गुजरा उसके लिए दो औरतें जिम्मेदार थी....!! इसीलिए प्यार शादी इन शब्दों पर भरोसा नहीं है उन्हें....!!अंदर से दुष्ट ,राक्षस ,एनाकोंडा नहीं है अंदर कहीं खूबसूरत दिल है जिसे उन्होंने अपने बाहरी व्यक्तित्व के आवरण में छुपा रखा है! हम पूरी कोशिश करेंगे उस छुपे हुए अंबर को बाहर लाने की.....!!
ये सुनकर बलजीत जी भाव विभोर हो जाते हैं और आंखों में नमी भरकर धरा के सिर पर हाथ रखते हुए बोलते हैं ,,,,,,,,,अगर मेरा अंबर लौट आया तो सच में जिंदगी भर के लिए ये बूढ़ा तुम्हारा कर्जदार हो जाएगा.....!!
फिर बलजीत जी अपने हाथ जोड़ते हैं तो धरा जल्दी से उनके जुड़े हुए हाथ को अपने हाथों में थाम लेती और ना में गर्दन हिलाती हैं लेकिन फिर भी बलजीत जी अपनी बात पूरी करते हुए बोलते हैं,,,,,,,, सच में बहुत बड़ा आभार होगा तुम्हारा जिसे शब्दों में नहीं बता सकता मैं......!!
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