इश्क़ या जुनून - (लापतागंज के प्रधानमंत्री)Chapter 16
अंबर : आउच......!! दिमाग नाम की चीज नहीं है क्या तुम्हारे पास.....?? अपने हाथ को झटकते हुए अंबर गुस्से से चींखकर बोलता है.......!!
हमारे पास तो है लेकिन हमें लगता है आपके पास उसकी बेहद कमी है ....!! इसलिए जो थोड़ा बहुत है उसी का दिखावा करने में लगे हुए हैं......!! लेकिन हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिंच करने के लिए एक अंगूठा और एक उंगली की जरूरत होती है दिमाग की नहीं .....!! धरा बेहद मासूमियत से बोलती है......!!
तुम्हारी बकवास सुनने का समय नहीं है मेरे पास .....!! इससे पहले कि मैं अपना आपा खो बैठूं नीचे उतरो......!! अंबर गुस्से से बोलता है......!!
क्यों उतरे नीचे....?? और रही आपा खोने की बात तो है ही क्या आपके पास ?सभी कुछ तो खोया हुआ है तमीज, संस्कार, दिमाग सब कुछ....!! एक काम कीजिए आप खुद भी खो जाइए आई मीन यहां से नौ दो ग्यारह हो जाइए धरा भी उसी टशन में जवाब देती है। आए बड़े चलकर ,हुंह....भला हम क्यों उतरे....!!
क्योंकि मैं कह रहा हूं....!! अंबर खीजकर बोलता है।
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