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Chapter 108

इश्क़ या जुनून - Chapter 108

अंबर  :(हैरान होने का ड्रामा करते हुए) किससे .......??तुम्हें मैंने किससे बचाया......?? (जोर से हंसकर) मैं तो उस बेचारे स्नोई को बचा रहा था जो तुम्हारी चीख का झटका बर्दाश्त नहीं कर पाता.....!! छोटा सा तो दिल है बेचारे का हार्ट अटैक आ जाता तो........??

इतना बोलकर अंबर जो हंस कर बोल रहा था अब बुरी  अपने हाथ को पानी में देकर मारते हुए खिल खिला रहा था........!! वही धरा उसे गुस्से से घूर कर देख रही थी.......!!

अंबर धरा के गुस्से भरे चेहरे को नजरंदाज करते हुए हंसे जा रहा था तो धरा गुस्से में आकर एक बार फिर अंबर को जोर से खुद से दूर धकेल देती है और एक बार फिर से डूबने लगती है तो अंबर एक बार फिर आगे बढ़कर धरा को संभालने की कोशिश करता है तो धरा गुस्से से बोलती है डूब जाने दीजिए हमें.....!! आपके जैसे दोस्त नहीं चाहिए हमें....!! हमारे डर का मजाक उड़ा रहे हैं आप.....?? आपके स्नोई को हार्ट अटैक आ जाएगा तो आप जाकर उसी को बचाइए हमें बचाने की जरूरत नहीं है......!!

अंबर धरा की बात को नजरअंदाज करके उसकी तरह बढ़ता है और अबकी बार धरा को अपनी बाहों में उठाते हुए बोलता है,,,,,,,,,,,, सॉरी मिस मेहरा मान लेता तुम्हारी बात लेकिन अचानक से मौसम बहुत अच्छा हो रहा है कल सुबह अगर जाने से पहले मेरा स्विमिंग करने का मन किया तो कैसे स्विमिंग करूंगा......??

धरा  :(चिढ़ते हुए) हमें नीचे उतारिए ......!! हमें उठाने में और आपके स्विमिंग करने में क्या कनेक्शन है......??आपके पूल में आपको स्विमिंग करने से कौन रोक सकता है.....??

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