इश्क़ या जुनून - Chapter 65
कमला जी और धरा को खामोश देखकर या कह सकते हैं कि अपनी सफाई में कुछ भी बोलने का मौका दिए बिना पायल जी फूट पड़ती है और आगे बोलती है,,,,,,,,,,, क्या हुआ बीजी....?? सांप सूंघ गया क्या......?? जब बात मेरी बेटियों की आती है तो सब के मुंह में जुबान आ जाती है। आपका भी लेक्चर शुरू हो जाता है और राजन जी भी शुरू हो जाते है । लेकिन बात जब आप दोनों की लाड़ली की आती है तो सबके मुंह में दही जम जाता है.....!! मेरी बेटियों की बार को मरोड़ उठ उठ कर तानो की उल्टी होती है दोनों मां बेटे को.....!!
कमला जी : पायल तुम बोलने का मौका दोगी तब ना वो बताएगी.....!! अगर धरा कहीं गई थी तो जरूर कोई बड़ी बात होगी.....!! वरना वो ऐसा कभी नहीं करती......!!
पायल जी :(ताली बजाते हुए) यही .....!!बस यही भेदभाव मेरे दिल को चुभता है...! मैंने हमेशा ये सोचा कि बिन मां की बच्ची को कभी मां के प्यार की कमी महसूस ना हो इसलिए अपनी बेटियों से ज्यादा प्यार किया....!! लेकिन मेरी बच्चियां मां, बाप ,दादी होते हुए सब के प्यार के लिए तरसती रही.....!!
कमला जी :पता नहीं पायल तुम बातों का रुख किधर मोड़ रही हो......?? तुम अच्छे से जानती हो कि ऐसा कुछ नहीं था।
पायल जी : अच्छा ....!!ऐसा कुछ नहीं था तो एक बात का जवाब दीजिए कि अगर मंदिरा और मंत्रा इस तरह से बिना बताए कहीं गायब हो जाती तो हजार सवाल उठते या नहीं उठते....?? लेकिन क्योंकि ये तो आपकी लाड़ली धरा है तो उससे तो कोई कुछ पूछेगा नहीं.....!! बल्कि सपोर्ट में खड़े हो जाएंगे ......!! जैसे अभी आप खड़ी हो गई....! ये बोलते हुए कि अगर धरा गई है तो कोई बड़ी वजह होगी.....!! कहने का मतलब ये है कि धरा बहुत जिम्मेदार !बहुत अच्छी है ....!! वो कुछ गलत कर ही नहीं सकती......!!और मेरी बेटियां हमेशा गलत ,गैर जिम्मेदार in port (in short)[पायल जी को इंग्लिश बोलने की आदत है लेकिन वो हमेशा गलत इंग्लिश ही बोलती है] कुछ अच्छा कर ही नहीं सकती।
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