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Chapter 29

इश्क़ या जुनून - Chapter 29

वही अंबर, कमिश्नर और मिलन के साथ उनसे बात करते हुए बाहर निकल जाता है।

रूम से बाहर आकर कॉरिडोर में पहुंचते ही अंबर कमिश्नर से बोलता है,,,,,,,,,, कमिश्नर साहब आपको मेरी जितनी भी हेल्प चाहिए मैं हर तरह से तैयार हूं मिस्टर कुकरेजा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली उनकी पत्नी और उनके प्रेमी किसी भी हाल में बचना नहीं चाहिए। और रही मिस्टर कुकरेजा के बच्चों की बात तो मिस्टर कुकरेजा की दिली इच्छा थी कि बच्चों को उनकी मां से दूर रखा जाए....!!

कमिश्नर : जी अपने सुसाइड नोट में भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया है वो चाहते थे कि बच्चे आपकी कस्टडी में रहे....!! तो ऐसे में अगर आप उनकी अंतिम इच्छा समझ कर बच्चों को अपने साथ रखना चाहे तो हम बच्चों की कस्टडी का केस डाल सकते हैं और अगर आप ऐसा नहीं चाहते तो फिर कुछ और सोचना पड़ेगा क्योंकि हम प्लान के हिसाब से विकास के थ्रू मिसेज कुकरेजा को जरूर ट्रैप कर लेंगे बच्चों की मां तो जेल जाने वाली है तो ऐसे में बच्चों को अनाथ आश्रम.........

लेकिन इससे आगे कमिश्नर साहब कुछ बोलते अंबर एकदम से तड़क कर बोलता है,,,,,,,,नहीं....!! बच्चे अनाथ आश्रम में नहीं रहेंगे.....!! अगर मिस्टर कुकरेजा की यही अंतिम इच्छा थी तो मैं इस बात का ध्यान रखूंगा। मैंने उनकी मदद का भरोसा दिलाया था लेकिन अफसोस मैं उनकी मदद नहीं कर पाया....!! आप अपने तरीके से सच निकल पाएंगे बाकी सबूत तो मैं अपने लेवल पर इतने इकट्ठे कर दूंगा कि वो औरत खुली हवा में आजादी के साथ सांस लेने को तरस जाएगी।

कुछ और बातें डिस्कस करने के बाद कमिश्नर अंबर को केस के बारे में अपडेट देते रहने का आश्वासन देकर वहां से चले जाते हैं....!!

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