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Chapter 119

इश्क़ या जुनून - Chapter 119

ओ गॉड कितना समय हो गया क्षितिज तो अब तक सो गए होंगे। हम उन्हें सुबह कॉल करेंगे अंबर सर भी कितने बदल गए हैं पहले ना खुद बोलते थे और ना ही सामने वाले को अपने सामने मुंह खोलने देते थे लेकिन अब बोलना स्टार्ट करते हैं तो चुप ही नहीं होते....!! बस नहीं बदला है तो सामने वाले को खुद के सामने बोलने ना देने वाला अंदाज। लेकिन जो भी है अब स्वीट हो गए हैं अब बस कोई अच्छी सी लड़की उनकी लाइफ में आ जाए तो उनकी लाइफ सेट है और हमारा दादाजी को दिया हुआ वचन भी पूरा हो जाएगा। इतना बोलकर धारा आपने हम माथे में हाथ मारती है और बोलती है दादाजी को दिया वचन तो पूरा हो जाएगा लेकिन अंबर सर के चक्कर में क्षितिज जो हमसे नाराज हो गए हैं सुबह उनके वचन सुनने पड़ेंगे अजीब मुसीबत है...!! सो जाओ धरा कल बहुत कम है। एक तरफ क्षितिज नाराज होकर सो गए हैं उन्हें मनाना है और दूसरी तरफ अगर और जागती रही और सुबह उठने में लेट हो गए तो लेट उठने पर चाचा जी की नाराजगी भी देखनी पड़ेगी। नो वे एक साथ दोनों की नाराजगी आप अफोर्ड नहीं कर सकती हैं । इतना बोलकर धारा अपने कमरे की लाइट ऑफ करके लेट जाती है और थोड़ी देर में ही नींद के आगोश में चली जाती है।

मॉर्निंग में धरा उठते ही सबसे पहले क्षितिज को कॉल करती है लेकिन पहले तो क्षितिज नाराजगी जताते हुए फोन नहीं उठाता और फिर जब उठाता है तो ये सुनते ही कि धरा के कॉल ना पिक कर पाने की वजह अंबर से बातचीत थी तो ये सुनते ही क्षितिज नाराज होकर कॉल कट कर देता है।

धरा बार-बार ट्राई करती है लेकिन क्षितिज उसका कॉल अटेंड नहीं करता सुबह से शाम हो गई थी लेकिन क्षितिज ने ना तो धरा का कॉल ही पिक किया था और ना ही उसके मैसेज का कोई रिप्लाई किया था रिप्लाई तो तब करता जब मैसेज देखता क्षितिज ने धरा के मैसेज देखे ही नहीं थे इधर धरा परेशान थी तो दूसरी तरफ दादाजी मुंह फुलाकर घूम रहे थे.....!!

अंबर :अब ये क्या ड्रामा है....?? हल्दी में आप नहीं गए थे तो मैंने बहाना कर दिया था अब मेहंदी में भी आप नहीं जाएंगे तो मैं क्या बहाना बनाऊंगा आपकी लाडली चहेती धरा से....?? धरा की दादी मां और चाचा चाची भी पूछ रहे थे तो मैं बोल दिया आप कल आएंगे लेकिन अब क्या बोलूगा सबसे ?

बलजीत जी : सबको क्या बोलेगा उसकी चिंता है मेरे से भी तो तूने प्रॉमिस किया था कि उसे मेरी बहू बनाएगा उस प्रॉमिस का क्या? तू देख सकता है अपनी होने वाली दुल्हन को किसी और की होते हुए मैं नहीं देख सकता अपनी होने वाली बहू को किसी और के नाम की मेहंदी अपने हाथों में लगाते हुए.....!!

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