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Chapter 37

इश्क़ या जुनून - Chapter 37

लेकिन इस बार अंबर के दादाजी ने सोच लिया था कि वो अंबर के लिए कोई ऐसी लड़की ढूंढ लेंगे जो अंबर की सोच को बदल कर रख दे......!! नहीं मालूम था कि वो कब , कहां और कैसे मिलेगी...?? लेकिन अपनी खोज शुरू करने से पहले वो अंबर की हां सुनना चाहते थे.....!! क्योंकि इंडिया में आकर उन्होंने अपने कुछ पुराने दोस्तों से संपर्क स्थापित किया था और उन्हें अंबर से बात करने से पहले ही लड़की खोजने के काम पर लगा दिया था......!!

अंबर : आपकी बात मैंने मान ली है तो क्या जब तक आपको अपनी पसंद की नर्स नहीं..........

दादाजी (अंबर को बीच में ही टोकते हुए) ओए खोत्ते...!! खबरदार जो मेरी बहू को नर्स बुलाया......!!

अंबर : ओके व्हाट एवर ....!!अब बुला लू नर्स को इंटरव्यू के लिए........??

दादाजी  :हां हां क्यों नहीं.......!! तूने मेरी बात मान ली है तो तेरे जो मन में आए कर.....!! मुझे तेरे फैसले से कोई एतराज नहीं है।

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