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Chapter 76

इश्क़ या जुनून - Chapter 76

आज ना जाने क्यों क्षितिज का कॉल आया देख धरा के मन में वो उल्लास नही था ....!! ना ही आंखों में वो चमक थी .......!!

धरा फोन उठाते ही बोलती है ,,,,,,,,,,बोलिए किस लिए फोन किया....??

क्षितिज हैरान होते हुए बोलता है,,,,,,किस लिए.....?? क्या तुमसे बात करने के लिए अब मुझे वजह की जरूरत है.....??

धरा कुछ बोलती उससे पहले धरा की नजर साइड में जाती है तो अंबर डेविल स्माइल के साथ धरा को इशारे से कल सुबह तैयार रहने के लिए बोलता है, जिसे देखकर धरा चिढ़ जाती है और  चिढ़ते हुए अंबर से अपनी नज़रें हटाकर मुंह घुमा कर खड़ी हो जाती है और क्षितिज से बोलती है,,,,,,,,,,,, नहीं बिल्कुल जरूरी नहीं है। लेकिन क्षितिज आपका सपना बड़ा है ....!! तो प्लीज़ आप अपने सपने पर ध्यान दीजिए इस तरह बेवजह अपना समय खराब मत कीजिए ....!! सपने पूरे करने के लिए पैसा ही नहीं समय भी चाहिए होता है.....!! हम आपका सपना पूरा करने में आपके साथ हर तरह से खड़े हैं तो आप भी प्लीज़ अपना हंड्रेड परसेंट दीजिए जो समय आप हमसे बात करने में खराब कर रहे हैं उसे अपने बिजनेस आइडिया में लगाइए.....!! हम पूरी शिद्दत से आपके साथ हैं और उसके लिए हमें अभी घर पहुंच कर अपने रूटीन वर्क निपटा कर पैकिंग भी करनी है। सुबह 5:00 बजे हमें निकलना भी है और हम समय से निकल सके उसके लिए समय से सोना और उठना भी जरूरी है .....!!(दरअसल इस वक्त धरा अजीब सी सिचुएशन में थी जहां अंबर के साथ जाना उसे बुरा लग रहा था वही वो ये भी डिसाइड नहीं कर पा रही थी कि उसने अंबर के साथ जाने के लिए हां बोलकर सही किया या गलत...??वो जो करना नहीं चाहती थी वो उसे करना पड़ रहा था। अपना मन मार कर वो जो कर रही थी ठीक से खुद को भी नहीं समझा पा रही थी कि वो ये करना चाहती है या नहीं...?? क्षितिज के सपने को धरा ने भी  जिया था..!! शिद्दत से महसूस किया था अपने सपने को लेकर क्षितिज की तड़प को और यही वजह थी कि वो ना भी नहीं कर पा रही थी और वो जाना भी नहीं चाहती थी !एक अजीब सी झुंझलाहट उसके अंदर भरी हुई थी।)

क्षितिज :धरा ये तुम कैसे बात कर रही हो.....?? देखो अगर तुम्हें नहीं जाना है तो प्लीज़ मत जाओ......!! लेकिन ऐसे बात मत करो.....!! बड़ा बिजनेसमैन बनने का सपना मेरा है। तुम्हें मेरे सपनों के लिए कोई काॅम्प्रोमाइज करने की जरूरत नहीं है.....!! एक सपना टूट जाएगा तो कौन सा मेरी जान चली जाएंगी.....?? लेकिन अगर तुम  इतना सा भी दुखी होओगी ना तो जरूर मेरी जान निकल जाएगी.....!! तुम्हारी खुशी मेरी पहली प्रायोरिटी है।और ये मैं तुम्हें बार-बार बता चुका हूं और ये सिर्फ कहने के लिए नहीं है ! छोड़ो तुम्हारा मन नहीं है तो मत जाओ.....!! मैं तुम्हारे हर फैसले में तुम्हारे साथ हूं....!!

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