इश्क़ या जुनून - (गॉसिप)Chapter 26
मिलन के समझाने और रोकने के बावजूद भी अंबर का गुस्सा शांत नहीं होता और वो गुस्से में नीरा की तरफ बढ़ता है लेकिन तभी अंबर के कदम एक आवाज सुनकर ठहर जाते हैं..............
और वो आवाज थी धारा की.....!!
धरा : बिना सोचे कुछ भी बोले जा रही हैं आप...!! अगर आज अंबर जी नहीं होते तो आज हम जिंदा नहीं होते......!! या तो वो लोग खुद हमें अपने हाथों से मार देते और अगर जिंदा छोड़ देते तो हम खुद आत्महत्या कर लेते.......!!
अगर आप हमें अपने सामने जिंदा देख पा रही है, हमसे बात कर पा रही है तो अंबर जी की वजह से......!!
धरा के मुंह से खुद के लिए इतनी रिस्पेक्ट देखकर अंबर हैरान था....!!
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