इश्क़ या जुनून - (नो मींस नो)Chapter 43
मिलन :(अपना माथा पकड़ते हुए) आज ये सूरज पता नहीं किधर से निकला था जिसे देखो वही एक अलग एटीट्यूड में नजर आ रहा है.....!!
अंबर का तो छोड़ ही दो....!! वो तो रहता ही एटीट्यूड में है लेकिन ये लड़की....?? इसे भी पता नहीं कौन सी बीमारी लग गई है.....??
शाम को जैसे ही ऑफिस बंद होने का टाइम होता है, उससे पहले ही मिलन को एक जरूरी काॅल आती है और वो ऑफिस से निकल जाता है और निकलते हुए एक बार फिर नीरा की तरफ देखता है.....!! लेकिन नीरा को ना देखना था और ना ही उसने देखा ......!!
इधर धरा को फाइलें निपटाते हुए काफी समय हो गया था ऑफिस का पूरा स्टाफ जा चुका था ऑफिस में अब सिर्फ बचे थे धरा , अंबर और पियून.......!!
9:00 बज गए थे और अब जाकर फाइनली धरा सारी फाइलें निपटा पाई थी....!! फाइल कंप्लीट करके धरा रिलैक्स करने के लिए अपनी गर्दन को दो-तीन बार ऊपर - नीचे ,दाएं - बाएं घुमाती हैं और अंगड़ाई लेकर जैसे ही घड़ी की तरफ देखती है तो तुरंत फुर्ती से अपना पर्स उठाती है जैसे ही अपनी चेयर से खड़ी होती है तभी टेबल पर रखा फोन झनझना उठता है.....!!
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