इश्क़ या जुनून -(पागल लड़की )Chapter 48
एक तरफ अंबर के दादाजी अंबर के साथ जो लड़की है उसके साथ मामला सेट करके आने की बात कर रहे थे और दूसरी तरफ धरा अंबर से इशारों में जाने देने की बात कर रही थी
एक तरफ कान पर दादाजी बोल रहे थे और दूसरी तरफ आंखों के सामने धरा इशारे से बात कर रही थी और इस सब में अंबर फ्रस्ट्रेट हो जाता और फ्रस्ट्रेशन में वो दादाजी से बोलता है लेकिन क्योंकि धरा उसे इशारे से दरवाजे से पैर हटाने के लिए बोल रही थी ताकि वह घर जा सके तो जो कुछ भी बोलता है अंबर धरा की तरफ देखते हुए बोलता है और इस समय जो गड़बड़ होती है वह कुछ इस तरह से होती है......
अंबर : धरा को रोकने के इरादे से धरा से बोलता है ,,,,,,,मैंने कहा ना अभी नहीं जा रही हो तुम......!!
उधर अंबर के मुंह से ये बात सुनते ही अंबर के दादाजी गुस्से से बोलते हैं,,,,,,, ओए खोत्ते दिमाग नाम की चीज है कि नहीं है तेरे पास.....?? लड़की को ऐसे रोकते हैं....?? जरा प्यार से बोल हर वक्त बस ऐंठ में रहता है ....!! दिल की बातें प्यार से की जाती है.....!!
अंबर :अरे आप फोन रखिए क्यों बेकार की बातें किए जा रहे हैं......??
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