इश्क़ या जुनून - Chapter 69
धरा :माॅम वो हम बात नहीं कर पाए......!! ज्यादा अमाउंट के लिए ऊपर बात करनी पड़ती हैं। मैनेजमेंट नया है तो............
रीमा जी : मैनेजमेंट नया है तो क्या हुआ पूत ........?? अपने होने वाले पति की परेशानी दूर करने के लिए तुम्हें सिर्फ बात ही तो करनी है तुम बात नहीं करोगी तो कौन बात करेगा देखो आज ही बात करो.......!! तुम्हारे सामने कुछ नहीं बोलता है शायद लेकिन घर में चिढ़ा चिढ़ा सा रहता है......!!
धारा : (हिचकीचाते हुए)मम्मी जी हम ............
रीमा जी : तुम्हें ऐसा तो नहीं लग रहा कि मैं तुमसे दहेज मांग रही हूं अगर ऐसा है तो ये जान लो कि मुझे पता है तुम्हारे मम्मी पापा ने तुम्हारे लिए एक प्लाट छोड़ा था मैं उसका जिक्र इसलिए नहीं कर रही कि कहीं तुम्हें यह लगे कि मैं दहेज की बात कर रही हूं या मुझे कोई लालच है। लोन लेने के लिए कह रही हूं जल्दी ही तुम्हारी शादी होने वाली है तो लोन तो तुम ही उतारोगी ना। लोन नहीं लेती तो पूरी सैलरी तुम्हारी घर में आती......!! शादी के बाद जो पैसा तुम घर में खर्च करने वाली थी उस पैसे से मैं शादी से पहले तुम्हारे होने वाले पति की मदद के लिए बोल रही हूं। वरना मैं सीधे-सीधे नहीं बोल देती की भाई प्लॉट तो तुम्हारे लिए है तो वही बेच दो......!!
पूत समझो बात को तुम दोनों की खुशी चाहती हूं । तुमसे वह कई दिन में थोड़ी देर के लिए मिलता है तो तुम्हारे साथ अच्छे से रहता है शादी के बाद जब अपने घर आकर रहोगी तब पता चलेगा कि इस बिजनेस को लेकर वो कितनी टेंशन में है और उसकी वजह से जो अपनी मां को जरा सा परेशान नहीं देख सकता वो अपनी मां पर भी झल्ला जाता है.....!! मैं चाहती हूं तुम्हारी शादी से पहले प्रॉब्लम सॉल्व हो जाए.....!! दोनों को साथ में खुश देखना चाहती हूं। नई-नई बहू की मुस्कुराहट घर में गूंजनी चाहिए। बिजनेस की टेंशन में वो तुम पर झल्लाएगा और तुम मुंह लटका कर रहोगी तो मुझे बहुत बुरा लगेगा। अच्छी बात नहीं होती घर की लक्ष्मी मुंह लटका के रहे! जिस घर में घर की लक्ष्मी परेशान रहती है उस घर से सुख ,शांति, लक्ष्मी सब चला जाता है ....!!
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