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Chapter 71

इश्क़ या जुनून - Chapter 71

अंबर का इल्जाम सुनते ही धारा तुरंत अपने ख्यालों से बाहर आते हुए जल्दी से अपनी सफाई पेश करते हुए बोलती है,,,,,,,,यकीन कीजिए हमारा....!! हम नहीं जानते थे वो आप के दादाजी हैं......!! ये बात तो हमें अभी आपके मुंह से पता चल रही है। उनसे मुलाकात तो सिर्फ इत्तेफाक ................

इनफ......!! तुम्हें क्या लगता है तुम्हारे झूठ पर मैं यकीन कर लूंगा.....?? आदित्य गुस्से से अपनी फाइल बंद करते हुए लगभग चिल्लाकर बोलता है.....!!

धरा अंबर के अचानक इस रिएक्शन पर एकदम से सहम सी जाती है.....!!

अंबर अपनी जेब से उठता है और धारा के करीब आकर बोलता है,,,,,,

तुम्हें लोन चाहिए और मुझे मेरे दादाजी की खुशी....!! बल्कि अगर तुम तैयार हो तो लोन वापस चुकाने की जरूरत नहीं है....!? क्योंकि ये लोन नहीं है एक डील है ।तुम्हारे समय की कीमत है ।और मेरे ख्याल से बहुत बहुत ज्यादा है.....!! सोच लो ....!! 24 घंटे का समय है तुम्हारे पास.....!! पैसा चाहिए तो बस इसी तरह मिलेगा...!! लोन के लिए मेरी कंसेंट नहीं मिलने वाली। इतना बोलकर आदित्य वापस घूमता है और अपनी रेकलाइनर पर लगभग लेटते हुए धरा के चेहरे के आते जाते रंगों को देखता है.....!!

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