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Chapter 102

इश्क़ या जुनून - Chapter 102

तैयार होकर जल्दी आ जाइएगा आज आपका बर्थडे है तो सब आपका नीचे इंतजार कर रहे हैं....!! लास्ट की ये दो लाइन सुनकर अंबर जो ना जाने क्यों धरा की बातों में खोया सा जाने क्या सोच रहा था अचानक होश में आता है और इससे पहले की कोई जवाब दे पाता तब तक धरा घूम कर काफी दूर जा चुकी थी।

अंबर अपने रूम में वापस आता है और फिर अचानक उसकी नजर अपने हाथ में थामे गुलदस्ते पर जाती है। अंबर झुंझला कर गुस्से में गुलदस्ते को फेंकने के लिए हवा में अपना हाथ उठाता है लेकिन फिर ना जाने क्या सोचकर अंबर का हाथ रुक जाता है और वो अपने बेड की साइड टेबल पर रखे वास में से आर्टिफिशियल फूलों को निकालकर उन महकते फूलों को लगा देता है.......!!

फूलों को वास में सजा कर अंबर वही बेड पर बैठ जाता है और उन फूलों को घूरकर देखते हुए धरा की कही बातें याद आने लगती है।

धरा ने पूरी तरह अंबर को उलझा के रख दिया था.....!! अंबर बार-बार खुद से सवाल कर रहा था ,,,,,,आखिर ये लड़की चाहती क्या है.....??

बहुत सोचने के बाद भी अंबर को कुछ समझ में नहीं आता तो अंबर वॉशरूम चला जाता है तैयार होकर अंबर अपनी शर्ट की बाजू फोल्ड करते हुए सीढ़ियों की तरफ बढ़ जाता है। अंबर का पूरा ध्यान अपने शर्ट को फोल्ड करने में था तो इस समय अंबर आधी सीढ़ियां उतर जाता है लेकिन जैसे ही सामने अंबर की नजर पड़ती है तो ड्राइंग हॉल में पूजा होते देख अंबर की थ्योरीयां चढ़ जाती है.....!!

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