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Chapter 109

इश्क़ या जुनून - Chapter 109

अंबर तेजी से आगे बढ़कर जैसे ही अपना हाथ हवा में उठाता है तो ,,,,,,,,,,,,,,,नीरा अपना सिर पीछे की तरफ झुका कर अपना हाथ आगे करते हुए अपनी बंद आंखों के साथ घबराकर जल्दी से बोल पड़ती हैं,,,,,,,,,,, नहीं आपको बुरा लगा तो नहीं बोलूंगी.....!! कुछ भी नहीं बोलूंगी।

नीरा अपनी बात कह कर ही हटती है तभी अंबर का हाथ नीरा के सिर पर होता है और अंबर धीरे से बोलता है,,,,,,,,, खुश रहो....!! मिलन अगर परेशान करे तो अपने इस भाई जी को बोलना.....!!

अंबर की बात सुनकर धरा तो कम ही हैरान थी  क्योंकि बदलाव देख रही थी अंबर में ....!!लेकिन मिलन के लिए ये शॉकिंग सरप्राइज था इतना शौकिंग की मिलन मुंह खोले एक टक अंबर को देख रहा था और जबकि अंबर अपनी बात बोलकर तेजी से वॉशरूम की तरफ बढ़ गया था।

वही नीरा जोकि इतनी देर से बोले जा रही थी उसकी भी बोलती बंद थी....!! ऐसा कुछ भी अंबर बोलेगा और वो भी इतनी आत्मीयता के साथ इसकी उम्मीद नीरा को भी नहीं थी.....!!

अंबर पीछे सभी को हैरान छोड़कर वॉशरूम में जा चुका था और अपनी जिज्ञासा को शांत करने के लिए मिलन सवालिया नजरों से धरा की तरफ देखता है तो धरा हवा में अपने कंधे उचका देती है और मिलन के किसी भी सवाल से बचने के लिए जल्दी से बोलती है,,,,,,,,,,  यहां खड़े होकर हैरान होने की बजाय यहां से नौ दो ग्यारह हो जाइए इससे पहले कि तूफान लौट आए.....!! पता नहीं आज कौन से मूड में है जो साइलेंट रह गए.....!! नीरा आप तो चुपचाप निकल ही जाइए यहां से....!! क्योंकि अंबर सर ने आपको बेशक बख्श दिया है लेकिन हम आपसे बाद में बात करेंगे....!!

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