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Chapter 19

इश्क़ या जुनून - (खतरे में धरा)Chapter 19

ड्राइवर तुरंत टैक्सी रोक देता है......!! धरा तुरंत अपना पर्स संभालते हुए टैक्सी से उतरने लगती है और उतरते उतरते पीछे घूमती है और अंबर के हाथ से अपना मोबाइल छीन कर गुस्से में, नमी से भरी लाल लाखों से अंबर को घूरते हुए बोलती है,,,,,,,, आप सिर्फ एक घटिया इंसान ही नहीं है आपकी सोच उससे भी ज्यादा गिरी हुई है.....!! सभी को अपनी तरह समझने की गलती मत कीजिए.....!! हमें नहीं पता आप कौन हैं....?? कहां रहते हैं.....?? लेकिन आपकी हरकतें देखकर हम इतना कह सकते हैं कि आप निहायत ही घटिया इंसान हैं......!! और आपके दिमाग में भी सिवाय गंदगी के कुछ नहीं है.........!! तभी आपको गुमान हो गया है कि सारी दुनिया आप ही की तरह घटिया है......!! हम आज तक आप जैसे घटिया इंसान से नहीं मिले और ना ही आगे कभी मिलना चाहेंगे .....!!

इतना बोल कर धरा टैक्सी से उतर जाती है.....!!

टैक्सी थोड़ी दूर ही बढ़ती है कि तभी अचानक धरा के दाएं बाएं दो कार आकर रूकती है.....!! और इससे पहले कि धरा कुछ समझ पाती , दोनों कारों का धरा की साइड वाला दरवाजा खुलता है, और धरा का रास्ता ब्लॉक हो जाता है....!!

अब तक धरा को ये तो समझ में आ गया था कि वो किसी मुसीबत में पड़ने वाली है......!! और वो  इस मुसीबत से पीछा छुड़ाने के लिए कुछ करती उससे पहले एक आवाज गूंजती है.....!!

खामोशी से कार में बैठ जाओ ......!! कार की विंडो से सिर बाहर निकाल कर हाथ में पिस्टल लिए एक आदमी अपनी गन धरा की तरह तानते हुए फिर से  दोहराता है ,,,,,,,,चुपचाप कार में बैठो ......!!

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