Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 101

इश्क़ या जुनून - Chapter 101

मन से आई उस दबी सी आवाज को अंबर गुस्से में दबाते हुए बुदबुदाता है,,,,,,,,,, कौन सी नई बात है पैसे वाला देखा नहीं और वफा, इश्क जैसे भारी भरकम अल्फाजों पर मिट्टी डाल अपना त्रिया चरित्र किसी दूसरे के पहलू में दिखाना शुरू कर देती हैं।

धरा जल्दी से काॅफी बनाती है और एक मग बलजीत जी के रूम में देकर खुद ही अंबर के रूम की तरफ बढ़ जाती है।

धरा अंबर के रूम की चौखट पर रुक जाती है और दरवाजे पर सामने देखे बिना नाॅक करती हैं तो अंबर जो कपड़े चेंज कर रहा था उस वक्त शर्टलेस था ....!!

नाॅक करने के बाद जहां धरा अंबर की तरफ देखती है और..... इइइइयूयूयू .....!!मुंह बनाते हुए धरा के मुंह से निकलता है और वो मुंह घूमा कर खड़ी हो जाती है....!!

वहीं धरा की आवाज सुनकर अंबर भी घूम कर दरवाजे की तरफ देखता है और अपनी गर्दन झटकते हुए धरा की तरफ बढ़ जाता है.....!! और धरा के एकदम पीछे नजदीक जाकर बोलता है क्या कर रही  हो यहां......??

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
101 / 123
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.