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Chapter 54

इश्क़ या जुनून - Chapter 54

मिलन सभी से हाथ मिलाकर उनकी शुभकामनाएं लेता है लेकिन इस बीच में उसकी नजर बार-बार नीरा की तरफ जा रही थी....!! सब लोग उत्साह से आगे बढ़कर मिलन को बधाइयां दे रहे थे (क्योंकि मिलन अंबर से बिल्कुल उलट था जहां अंबर को देखकर किसी की बोलने की हिम्मत नहीं होती थी वही मिलन बहुत ही फ्रेंडली था!) जबकि नीरा एक कोने में खड़ी हुई थी.....!!

सब की बधाइयां लेते हुए मिलन की नजर कुछ पल के लिए नीरा से हटती है और जब मिलन थोड़ी देर बाद नजर उठा कर देखता है तो नीरा वहां नहीं थी....!!

मिलन हॉल में चारों तरफ नजर घुमा कर देखता है तो पाता है कि नीरा हाॅल में कहीं भी नहीं थी.....!!

और अब ये बात मिलन को बर्दाश्त नहीं हो रही थी....!!

आखिर हुआ क्या है इस लड़की को......?? मिलन खुद से सवाल करता है लेकिन जवाब मिलन के पास नहीं था।

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