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Chapter 57

इश्क़ या जुनून - Chapter 57

वेटर : साहब आप बहुत अच्छे हैं देखना आपकी गर्लफ्रेंड मान जाएंगीं.......!!

वेटर की ये बात सुनकर मिलन के कदमों की रफ्तार एक पल के लिए धीमी होती है लेकिन फिर अगले ही पल मिलन तेजी से नीरा के पीछे चला जाता है।

रेस्टोरेंट से बाहर निकलकर मिलन अपनी नजर चारों तरफ दौड़ते हुए बोलता है ,,,,,, पता नही किधर चली गई ये लड़की ...?? पता नही ऐसा कौन सा दर्द है जिसे दिल में दबाए बैठी है । बाकी सब से तो ठीक से ही बात करती है बस मेरे सामने ही सीरियस हो जाती है कहीं मेरी बात का बुरा तो नहीं मान गई .....? लेकिन अगले ही पल मिलन खुद ही अपने इस विचार को ये बोलते हुए सिरे से ख़ारिज कर देता है कि बुरा मानने के लिए जितने दिमाग की जरूरत पड़ती है उतना है नहीं इसमें....!!

इधर नीरा रोते हुए सड़क पर बस दौड़े जा रही थी....!!

और होश में तब आती है जब एक जोर की आवाज नीरा के कानों में पड़ती है,,,,,,,,,,,,, अरे मैम क्या हुआ ....?? ऐसे रोते हुए कहां जा रही है......?

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