इश्क़ या जुनून -(मुसीबत ही है ये लड़की )Chapter 49
बेवकूफ लड़की रोना बंद करो......!! जो कुछ भी सोच कर तुमने मुझे घायल किया है ऐसा कुछ मैं नहीं करने वाला था। एक तरफ तुम जाना जाना लगा कर बैठी हुई थी ,दूसरी तरफ दादाजी तुम्हारी आवाज सुनकर ये सोच रहे थे कि मैं किसी लड़की के साथ डेट पर हूं......!! और दिमाग खाए जा रहे थे कि मैं उसे शादी के लिए हां बुलवा कर ही लौटूं। तो इसलिए फ्रस्ट्रेशन में मैंने उन्हें जवाब दिया था । वो तुम्हारे लिए नहीं था.....!! तुम्हें सिर्फ मैं इसलिए रोक रहा था क्योंकि तुम्हारी दादी मां से बोला था तुम्हें घर सेफली छोड़ने के लिए.....!!
इतना बोल कर अंबर धरा के हाथ छोड़ देता है........!!
और फिर मुंह घुमा कर धरा को दी इतनी लंबी चौड़ी अपनी एक्सप्लेनेशन पर खुद ही खुद पर हैरान होता है। क्योंकि अंबर खुराना किसी को एक्सप्लेनेशन दे....?? इंपॉसिबल.....!! जो आज पॉसिबल हो गया था।
अंबर यह सब बोल तो जाता है लेकिन अब उसे समझ में नहीं आ रहा था कि उसने यह सब किया तो किया क्यूं.....??
तभी धरा सामने आते हुए अफसोस से बोलती है,,,, आई एम सॉरी.....!! और इसी के साथ अपने दुपट्टे से अंबर के माथे पर लगे जख्म से निकलते खून को साफ करने की कोशिश करती है ! लेकिन अंबर बीच में ही उसका हाथ पकड़ लेता है और गुस्से से धरा के हाथ को झटकते हुए बोलता है,,,,,,,, रहने दो एक और बार घायल होने का इरादा नहीं है मेरा .....!! और एक बात कान खोल कर सुन लो ..........अंबर खुराना ने आज तक किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की है.....!! तो ये फालतू का फितूर अपने दिमाग से निकाल दो ......!!मेरे सामने खड़े होकर मुझे चैलेंज करने की कोशिश मत करना.....!! क्योंकि इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि जो आज तक नहीं हुआ है वो आगे भी कभी नहीं होगा.....!!
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