Chapter 338
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 338
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तभी गणपति के पापा की नींद खुल गई वह बोले तुम ठीक तो होना तो गणपति की मां हड़ बढ़ाते हुए बोली हां मैं ठीक हूं । अब गणपति उसके पापा बोले तुम रो क्यों रही हो कोई बात हुई है क्या तो उस