Chapter 335
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 335
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ऐसे में लोगों की बातें सुनकर भी भूपेंद्र कुछ नहीं बोला वैसे सच बताएं तो दिल से वह भी इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं था हमेशा से ही अपनी बेटी के रिश्ते को लेकर उसके दिल में भी काफी अरम