Chapter 127
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 127
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वही समीरा विक्रम की बातें सुनकर गुस्से में उसे जाते हुए देखती रही, तब उसके जाने के बाद देवी किशन समीरा की तरफ देखते हुए बोला समीरा बेटा विक्रम की बातों पर ध्यान मत देना कुछ वक्त से