Chapter 216
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 216
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
वहीं रुचिका के साथ वेदिका को काफी कुछ समझाने और सुनाने के बाद राधा भी अपने घर चली गई थी और रुचिका वेदिका से काफी गुस्से में थी । तब अपनी मां की गुस्से को देखकर वेदिका भी कुछ नहीं ब