Chapter 221
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 221
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
तब वेदिका को चुप देखकर और उसे किसी सोच में डूबे हुए देखकर विक्रम बोला वेदिका क्या सोच रही हो । तब वेदिका ने हड़ बढ़ाते हुए उसकी तरफ देखा और फिर बिना कुछ कहे ही वहां से चली गई । तब