Chapter 87
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 87
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फिर विक्रम बाथरूम से अपने कपड़े बदल कर आया तो देखा की वेदिका अभी तक उदासी ही थी । तब यह देखकर विक्रम रबड़ी उसके पास लाकर बोला तुम्हारी फेवरेट चलो खा लो । तब यह सुनकर वेदिका बोली नह