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Chapter 150

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 150

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तब महावीर की बात सुनकर कल्याणी बोली अगर मैं तुम्हारी भूलकर भी सुध ना लेती तो क्या कर सकते थे तुम, कुछ नहीं कर सकते थे लेकिन एक मां हूं ना अपने दिल के हाथों मजबूर थी तुम्हारी हर बुर

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