Chapter 255
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 255
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वहीं देवदास वेदिका को ही ढूंढे जा रहा था वेदिका को देखकर देवदास बोला अरे तुम मैं कब से तुम्हें ढूंढ रहा था । तब यह सुनकर वेदिका बोली और मैं कब से आपको ढूंढ रही थी भीड़ में न जाने क