Chapter 65
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 65
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
उधर समीरा अपने घर पर आई, तब उसे आए देखकर उसकी मम्मी बोली समीरा बेटा कहां से आ रही हो, आ जाओ बेटा जल्दी से हाथ मुंह धो कर आ जाओ खाना तैयार है । तब यह सुनकर समीरा बोली आप लोग खाइए मम