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Chapter 125

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 125

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धीरे-धीरे इसी तरह 15 दिन निकल गए अब वेदिका की हालत में काफी सुधार था, उसके टांको में भी दर्द नहीं होता था । वही वेदिका भी विक्रम से मिलना चाहती थी तो विक्रम वेदिका से मिलना चाहता थ

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