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Chapter 208

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 208

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वही गौरी की बात सुनकर विक्रम के साथ अजीत को भी समझ में नहीं आ रहा था कि गौरी किस बारे में बातें कर रही है । तब गौरी बोली आज वेदिका भाभी सा मिली थी मुझे ब्यूटी पार्लर से बाहर निकलते

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