Chapter 63
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 63
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वही वेदिका बाहर बेंच पर बैठी हुई थी और रो रही थी तब जैसे ही उसने विक्रम को आते हुए देखा तो भाग कर उसके पास गई और बोली विक्रम सर आप । तब वेदिका को देखकर विक्रम ने उसे जल्दी से अपने