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Chapter 118

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 118

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तब राधा की बातें सुनकर रुचिका की आंखों में आंसू झलक आए थे वह कुछ नहीं बोली । तब राधा बोली देख रुचिका माना वेदिका से गलती हुई थी लेकिन गलती तो तुझसे भी हुई थी कि तूने गुस्से में आकर

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