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Chapter 235

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 235

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तब विक्रम के काफी कहने पर और उसके फोन देने पर वेदिका बोली नहीं अगर मैं यह फोन अपने साथ रखूंगी तो मां को पता चल जाएगा तो उन्होंने बहुत तकलीफ होगी । तब विक्रम बोला कुछ पता नहीं चलेगा

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