Chapter 12
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 12
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
तब वेदिका के काफी समझाने पर उसकी मां रुचिका तैयार हुई लेकिन वेदिका को इस तरह अकेला भेजना उसे ठीक नहीं लग रहा था पर वेदिका को भेजना उसकी मजबूरी था क्योंकि वह सोच रही थी कि वेदिका के