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Chapter 121

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 121

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तब वेदिका की मां रुचिका की बातें सुनकर और गुस्से में उसे अपने मुंह पर दरवाजा बंद करते हुए देखकर विक्रम वहां से वापस चला आया । तब रुचिका ने वेदिका की तरफ देखा जो अभी सो रही थी उसे इ

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