Chapter 269
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 269
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तब वेदिका और रुचिका राधा को जाते हुए देखती रही और फिर घर का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया । तब रुचिका अपनी बेटी की तरफ देखते हुए बोली बेटा तुम चिंता मत करो मैं जानती हूं इन सब की वजह