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Chapter 109

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 109

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तब वेदिका को नींद में सोते देखकर विक्रम धनिया काकी और गोरी के पास आया और बोला काकी सा आपने वेदिका से झूठ क्यों बोला था । तब यह सुनकर धनिया काकी बोली तुम तो उसकी हालत देख रहे हो ना

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