Chapter 253
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 253
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वही वेदिका के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर और अपनी पहले पति की बुराई सुनकर देवदास को तो बहुत खुशी हुई की वेदिका उसकी तारीफ कर रही है । तब हमदर्दी जताने के लिए तब देवदास उसकी तरफ हाथ बढ