Chapter 254
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 254
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तब विक्रम ने यह सुना तो हैरानी से बोला लेकिन तुम्हारी मां ने यह सोच भी कैसे लिया जबकि उसे पता है कि जब तक तलाक नहीं होता तब तक ऐसा कुछ नहीं हो सकता । तब यह सुनकर वेदिका बोली उन लोग