Chapter 116
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 116
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तब अपनी मां की यह बातें सुनकर वेदिका भी कुछ बोलना पाई लेकिन सच बात तो यह थी की वेदिका खुद विक्रम से अलग होने की बात से काफी तड़प रही थी लेकिन यह उसकी मजबूरी थी क्योंकि उसे लग रहा थ