Chapter 226
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 226
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उधर रुचिका यही सोच रही थी कि वेदिका ने उस अमीरजादे को तलाक के लिए मनाया होगा या नहीं । तब उसे सोच में डूबे देखकर राधा बोली क्या हुआ रुचिका । तब यह सुनकर रुचिका धीरे से बोली कुछ नही