Chapter 238
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 238
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वही समीरा विक्रम और गौरी को एक साथ खाना खाते हुए देखकर गुस्से में तिल मिला रही थी, तभी जले पर नमक छिड़कने का काम किया उसकी फ्रेंड्स ने जो विक्रम की तरफ देखते हुए बोली अरे समीरा यह