Chapter 197
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 197
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
वही जब सब लोगों ने खाना खा लिया तब वेदिका सब की तरफ देखते हुए बोली अब मुझे घर चलना चाहिए । तब यह सुनकर देवी किशन और सुनीता दोनों हैरान रह गए और वेदिका की तरफ देखने लगे । तब देवी कि