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Chapter 265

कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 265

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तब विक्रम भी फिर अपने घर जाने के लिए रवाना हो गया वेदिका के साथ देवदास जो कुछ करना चाहता था उसे याद करके उसका खून खौल उठा वह तो इसी वक्त उसे देवदास को सबक सिखा देता लेकिन वेदिका की

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