Chapter 228
कभी सोचते हैं, उन्हें हम भुला दें। - Chapter 228
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तब विक्रम उसे सोच में डूबे देखकर सुनीता बोली विक्रम बेटा क्या सोच रहे हो । तब विक्रम हड़ बढ़ाते हुए बोला कुछ नहीं । तब सुनीता बोली बताओ बेटा क्या बात है, तब विक्रम ने कुछ नहीं बताय